मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक योजना के पंजीयन कार्ड बने मजाक.. अनेक ग्रामीणों को जन्म के पहले ही बना दिया असंगठित मजदूर..

 जन्म के पूर्व हो गया मजदूर सुरक्षा योजना का पंजीयन- 

दमोह। मजदूरों की सुरक्षा के लिए लागू हुई मजदूर सुरक्षा योजना तहत 1 अप्रैल से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भी पंजीयन जोर शोर के साथ शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक पंजीयन योजना तहत मप्र में ग्राम पंचायत स्तर से लेकर नगरी निकायों में हजारों की संख्या में पंजीयन कराए गए। और अब मजदूरों को परिचय पत्र रूपी कार्ड वितरण करने की बारी आई तो उनमें जमकर गड़बड़ी देखने को मिल रही है।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जन आशीर्वाद यात्रा पर निकलने के बाद अब उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री असंगठित समिति पंजीयन योजना के परिचय पत्र वितरित किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में मुख्य मंत्री की यात्रा को पहुंचना है वहां पर  सबसे पहले  इन परिचय पत्रों का वितरण किया जा रहा है । इसी कड़ी में   दमोह जिले के पटेरा विकासखंड अंतर्गत मजदूरों को जो परिचय पत्र वितरित किए गए जिनमें गंभीर सामने आई है। जिसे जल्दबाजी में टारगेट पूरा करने के चक्कर में घी गई मंसूरी भूल भी कहा जा सकता है।

अटल न्यूज़24 के पास में ऐसे अनेक मजदूरों ने  मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक पंजीयन योजना तहत दिए गए परिचय पत्र दिखाएं, जिनमें जन्म के पूर्व से ही इनको मजदूर घोषित कर दिया गया है। इन परिचय पत्रों में पंजीयन की दिनांक 22 मई 2018 दिखाई दे रही है। किन्तु जन्म दिनाँक  3 जुलाई 2018 दर्ज किया गया है। जिससे यह स्पस्ट हो रहा है की पंजीयन पूर्व में ही हो गया और जन्म बाद में हुआ।

मप्र असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल भोपाल द्वारा मुद्रित कराए गए इन त्रुटि युक्त कार्डो की आने वाले समय में उपयोग करने की आवश्यकता जब मजदूरों को पड़ेगी तब  हो सकता है कि इस त्रुटि की वजह से इनको योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाए। पटेरा क्षेत्र में मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के पहले इस तरह के गलत प्रिंटेड कार्डों का बटना चर्चा का विषय बना हुआ है।

जो गलत छपे कार्ड फिलहाल सामने आए हैं उनमें 
पंजीयन हेतु आवेदन कार्यालय ग्राम पंचायत पटेरिया में जमा कराये गए थे। और इनके पंजीयन की समस्त जिम्मेदारी सचिव व रोजगार सहायक की होती है। जहां तत्कालीन सचिव अनरथ सींग लोधी रोजगार सचिव लष्मीकांत दुबे पंजीयन के समय अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह जांच का विषय होगा की यह गंभीर त्रुटि ग्राम पंचायत स्तर पर हुई है अथवा भोपाल लेवल पर। लेकिन इसका खामियाजा तो पंजीकृत मजदूरों को ही देर-सवेर भुगतना होगा। पटेरा से संजय शुक्ला की रिपोर्ट

खड़े ट्रक से Maruti वैन टकराई, मंत्री जी से मिलने गई 3 महिलाओं की सड़क हादसे में मौत..

चनौआ ग्राम में खडे ट्रक में मारुति वेन घुसी, 3 की मौत-

गढ़ाकोटा। समय काल और मौत का कोई ठिकाना नहीं होता। किस की मौत कब कहां आ जाए और जिससे जीते जी न मिल पाए वह मौत के वक्त सामने आए। ऐसे ही कुछ हालात बीती रात गढ़ाकोटा में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद सामने आए हैं।

दरअसल गढ़ाकोटा क्षेत्र के कुछ ग्रामीण Maruti वैन से अपने जनप्रतिनिधि प्रदेश के पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव से मिलने के लिए आए थे। परंतु उनके नहीं मिलने पर वापस अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में चंनउआ के समीप उनकी Maruti वैन एक खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना दर्दनाक था 3 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गयेे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात सागर,दमोह मार्ग पर चनौआ ग्राम के पास गोवर्धन ढाबा के सामने खड़े ट्रक क्रमांक एम, पी,09 एच्,एफ-6186 में गढ़ाकोटा की ओर से जा रही मारुति वेन पीछे से जा टकराई। जिस से 3 महिलाओ की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि 12 लोग घायल हो गए जिसमे महिला,पुरुष शामिल थे। घटना की जानकारी मिलते है पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने मोके पर पहुँचकर घायलो को अपनी निजी गाड़ी में बैठाकर जिला अस्पताल ले गए।

दुर्घटना इतनी भयानक थी कि वेन चालक गाड़ी में फस गया। जिसे मोके पर मंत्री भार्गव ने जे,सी,बी बुलाकर वेन का अगला हिस्सा कटवाकर चालक को बाहर निकाला।घटना स्थल पर ग्राम रामपुर निवासी दशोदा सेन उम्र 35 वर्ष, राधारानी साहू 35 व कविता साहू 36 वर्ष की मौत हो गईं। घायलो में जमना बाई, दीछा, सुमन, रितिक, फूलरानी, विनय व चालक रामरूप साहू की हालत ठीक है। फिलहाल पुलिस विवेचना में जुटी है। यह सभी लोग मंत्री गोपाल भार्गव से मिलने उनके निवास पर आए थे। 

गढ़ाकोटा से रवि सोनी की रिपोर्ट

मासूम से हैवानियत दिखाने वाले को सबक सिखाने जुटी भीड़.. अस्पताल व कोर्ट से भीड़ से बचाकर भेजा जेल..

मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी दो के नारे बुलंद

दमोह। दमोह को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी दो, फांसी दो के नारे के साथ भीड़ जूतम पैजार की तैयारी में घेराबंदी किये रही। परंतु पुलिस ने वक्त की नजाकत को समझते हुए आरोपी को पहले जिला अस्पताल से तथा बाद में जिला न्यायालय परिसर से भीड़ के आक्रोश का शिकार होने से बचाया तथा बाद में जेल पहुंचाया।

दमोह रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय से करीब 2 साल की मासूम को सोते हुए अगवा करके ले जाने वाले आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए करने के बाद कल पुलिस खुरई से इस आरोपी को अपनी गिरफ्त में लेकर दमोह आ गई थी। आज दोपहर नए पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी विवेक अग्रवाल ने मीडिया के समक्ष बंडा थाना अंतर्गत निवासी श्याम अहिरवार को पेश किया। 

मासूम के साथ दरिंदगी दिखाने वाले इस आरोपी ने उसकी पायल तथा चूड़ी भी लूट कर बांदकपुर में बेच दी थी। पुलिस ने चूड़ी व पायल खरीदने वाले को भी गिरफ्त में ले कर माल बरामद कर लिया है। इधर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए स्वयं स्वीकार करना शुरू कर दिया है कि कोर्ट से उसे फांसी की सजा ही होगी। कबाड़ बीनने वाला यह आरोपी वारदात के बाद शराब के नशे में धुत होना बताया गया है।

शाम को जिला कोर्ट में आरोपी को पेश किए जाने के पूर्व मेडिकल हेतु जिला अस्पताल लाया गया। जिसकी खबर लगते ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गई। पुलिस लोगों को कंट्रोल करने का प्रयास कर रही थी कि कुछ महिलाएं चप्पल जूते हाथ में लेकर आरोपी की पिटाई करने तैयार हो गई। देखते ही देखते लोगों की भीड़ बढ़ जाने पर पुलिस ने एक जननी वाहन में छुपा कर आरोपी को जिला न्यायालय पहुंचाया।

जिसके बाद जिला न्यायालय परिसर में भी आक्रोशित लोगों का एकत्रित होना शुरू हो गया। देखते ही देखते यहां पर एकत्रित हो गई भीड़ में शामिल लोग फांसी दो, फांसी दो के नारे लगाने से नहीं चूके। बाद मैं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी श्याम अहिरवार को पुलिस ने घेरा बनाकर सुरक्षित पुलिस वाहन तक पहुंचाया। यहां से जिला जेल ले जाया गया। इस दौरान जेल के बाहर भी लोग हाथ साफ करने की तलाश में खड़े रहे।

पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने बताया कि आरोपी श्याम अहिरवार सागर जिले के बंडा थाना अंतर्गत ग्राम का निवासी है। बीते चार पांच वर्षो से खानाबदोश की जिंदगी जी रहा है।  रेलवे स्टेशन उसके सोने का ठिकाना था और कबाड़ बीन कर अपना गुजारा करता था। नशा एवं विकृत मानसिकता के चलते उसने मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि आरोपी ने बच्ची की पायल भी उतार ली थी जिसे बांदकपुर जाकर प्रदीप सोनी को यह कहकर बेच दिया था कि उसकी बच्ची को भूख लगी है, खाना के लिए पैसे नहीं है।

 श्री अग्रवाल ने बताया कि आरोपी की पहचान के बिना तलाश पाना बहुत मुश्किल लग रहा था। फिर भी पुलिस टीम जनता एवं मीडिया के सहयोग से वह आरोपी तक पहुंचने में सफल हुए। डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने 50,000 इनाम की घोषणा की है। इनाम की राशि आरोपी को पकड़ने वाली टीम एवं आरोपी की सूचना देने वालों को सम्मान स्वरूप दी जाएगी।

मासूम से हैवानियत दिखाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद sp को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। वही कोतवाली टी आई उनकी टीम की भी प्रशंसा की जा रही है।  जबकि रेलवे पुलिस की भूमिका पर लोग सवाल उठाने से नहीं चूक रहे हैं। वारदात के बाद विभिन्न संगठनों ने ज्ञापन दिए तथा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फांसी दो की मांग के नारे बुलंद किए। उसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि विकृत मानसिकता का कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने के पहले 10 बार जरूर सोचेगा।

फिलहाल जबलपुर में इलाजरत मासूम जल्द स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचे, उसके परिवार को भी जीवन यापन के लिए शासन तथा समाजसेवियों की ओर से आवश्यक धनराशि मिले,  फिर कोई हैवान इस तरह की हिम्मत ना करे। इसके लिए पुलिस तत्परता से कार्य करें। इन्हीं भावनाओं के साथ यह भी अवगत कराते है कि बुंदेलखंड के सर्वाधिक लोकप्रिय चर्चित न्यूज़ पोर्टल अटल News24 की साइड को कल हैक कर के  2409  न्यूज़ का डाटा किसी हैकर द्वारा डिलीट कर दिया गया। इस वजह से कल से आज तक साइड बंद रही। अब नए सिरे से साइड को अपडेट करने के बाद आप तक यह खबर पहुंचने में विलंब हुआ, इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं। आप सभी का स्नेही अटल राजेंद्र जैन