दमोह। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले नतीजे भाजपा के लिए पूरे प्रदेश की तरह दमोह क्षेत्र में भी वाटर लू जैसे साबित हुए हैं। जनता के बीच सतत संपर्क शील और लोकप्रिय होने के बावजूद प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया को अपने ही क्षेत्र में कांग्रेश के नए चेहरे राहुल सिंह से 1135 वोटों से करारी हार झेलनी पड़ी है। जिसके बाद जीत का सर्टिफिकेट लेने के लिए राहुल सिंह को आधी रात के बाद तक का इंतजार करना पड़ा।

कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह की जीत 20 वे राउंड के बाद ही लगभग तय हो गई थी। अधिकांश न्यूज़ चैनलों ने भी इस बात की ब्रेकिंग अपडेट कर दी थी कि मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया हार चुके है। उसके बाद वी जीत का सर्टिफिकेट देने में हीला हवाली के साथ विलंब होने से मतगणना स्थल के बाहर मौजूद लोगों से लेकर शहर भर में तरह-तरह की चर्चाओं के बीच कानाफूसी शुरू हो गई थी।

इधर कांग्रेसी नेताओं ने आशंकित  होते  हुए इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ तक पहुंचा दी थी ।जिसके बाद जिला प्रशासन पर भी कांग्रेश द्वारा आरोप लगाए जाने लगे थे। आखिरकार आधी रात के बाद कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह को जीत का प्रमाण पत्र मिल गया।

आधी रात के बाद ही राहुल सिंह सबसे पहले अंबेडकर चौक पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा साहब की आदम कद प्रतिमा को पुष्प हार अर्पित करके शुक्रिया अदा किया। आधी रात को ही कांग्रे समर्थकों के बीच आपस में बधाइयां देने जीत का जश्न मनाने का दौर चलता रहा। जबकि भाजपा खेमे में सन्नाटे के साथ आशंकाये जताई जाती रही।

जीत के बाद बाबा साहब को माल्यार्पण करते विधायक राहुल सिंह

लगातार 9 वा चुनाव लड़ रहे स्थानीय विधायक और प्रदेश के कद्दावर मंत्री जयंत मलैया की जीत में शंका और हार की आशंका राहुल सिंह को कांग्रेस टिकट मिलने तथा राहुल के नामांकन पत्र पर विभिन्न बिंदुओं को लेकर भाजपा द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद ही लगाई जाने लगी थी। वहीं भाजपा के बागी बाबाजी यानी रामकृष्ण कुसमरिया द्वारा दिए जा रहे श्राप जैसे कथन भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंच रहे थे। इसके बाद भी मील वाले बाबा के इर्द गिर्द हमेशा डेरा जमाए रखने बालों ने वस्तुस्थिति से श्री मलैया को अवगत नहीं होने दिया।

इधर लखन के प्रति अंधे आत्मविश्वास केे कारण पहले बाबा राम का रूठना फिर योगी द्वारा राम भक्त हनुमान ko जात पात के बंधन में बांधना इसके पूर्व एससी एसटी एक्ट, मैं संशोधन नोटबंदी जीएसटी आदि मुद्दों को लेकर भाजपा समर्थक वोट बैंक का नाराज बने रहना, ऐसी बजह रहा जो जबरदस्त मैनेजमेंट और मीडिया की मेहरबानी से नगर पालिका क्षेत्र के हालातों, पार्षद प्रतिनिधियों के कारनामों पर पर्दा डाले रहने के बाद भी पर्दे में रहने वालों को खिलाफ में वोट करने के लिए मजबूर करता रहा। लिखने को बहुत कुछ है और भी लिखेंगे नई समीक्षा के साथ फिर मिलते हैं। अटल राजेंद्र जैन