औसतन 73% वोटिंग से BJP समर्थक आशान्वित-

मप्र विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में औसतन 73 फ़ीसदी वोटिंग होने से भाजपा समर्थकों के चेहरे खिल गए हैं। मतदान को लेकर वोटरों द्वारा सुबह से दिखाए गए उत्साह की बात भाजपा को लगने लगा है कि मतदाताओं ने चौथा मौका दे रहा है भले ही पहले जैसा बहुमत ना दे। इधर कांग्रेस को लग रहा है कि अधिक मतदान उनको आशीर्वाद देने के लिए हुआ है।

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर से बनने की बात कही है। वही स्वयं की जीत के प्रति पूरी तरह आशान्वित श्री मलैया ने कहा कि अपने बारे में तो कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है। श्री मलैया बुधवार को स्थानीय पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।

दमोह जिले की बात की जाए तो चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की औसत 73 फ़ीसदी से अधिक हो जाने से भाजपा प्रत्याशियों के चेहरे खिलते नजर आने लगे हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में समस्याओं को लेकर मतदान बहिष्कार जैसे हालात की वजह से कुछ केंद्रों में मतदान प्रतिशत में कमी आई है। फिर भी अन्य क्षेत्रों में सुबह से ही वोटिंग करने कतार लगी रही। जिससे दोपहर तक अनेक पोलिंग बूथों पर मतदान का प्रतिशत 50 के आंकड़े को पार कर चुका था। 

इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ने की वजह वोटरों को आकर्षित करने कई Pink पोलिंग बूथों पर आकर्षक इंतजाम तथा सोशल मीडिया पर मुहिम चलना भी रहा है। इधर भाजपा समर्थकों को सत्ता खिसकती नजर आने से अंतिम दिनों में इनके द्वारा प्रत्याशी के बजाय पार्टी के पक्ष में जी जान लगाने जैसी स्थिति भी देखने को मिली है।

दमोह जिले में मतदान के जो अंतिम आंकड़े सामने आए हैं।  उनके अनुसार जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 73.79% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है। जबेरा में सबसे अधिक 76.68% वोटरों ने मतदान किया है। पथरिया में 74. 94%, दमोह में 74.30 तथा हटा में 69.43 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले हैं।

भाजपा समर्थक अंतिम दिनो मे नाराज कार्यकर्ता ओं को मनाने तथा बेहतर मैनेजमेंट के साथ चंचला लक्ष्मी का उपयोग भी खुले हाथो से करने में सबसे आगे रहे हैं। अंतिम दिनों में मप्र के लगभग सभी अखबारों के मुखपृष्ठ पर छाए रहने वाले फुल पेज के विज्ञापनों ने भी ग्रामीणो का भाजपा की तरफ रुझान बढ़ाने का काम किया है। इधर कांग्रेस समर्थक खर्च के मामले में प्रत्याशी की तरफ ताकते नजर आए हैं। वही प्रत्याशी भी चंचला लक्ष्मी को बचाने मीडिया कर्मियों तक से बातों का जमा खर्च करने में बुद्धि लगाते रहे हैं। 

11 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणामों के बाद ही वास्तविक हालातों का पता लग सकेगा लेकिन मतदान के दिन जिस तरह से वोटरों को पोलिंग बूथ तक जाने का रवैया रहा है। उसे देखकर लगता है मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा तथा कांग्रेस के बीच  कांटे का मुकाबला  होने जा रहा है। .. अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट