बाबाजी का दमोह पथरिया से निर्दलीय नामांकन- 

दमोह। भारतीय जनता पार्टी में लगातार उपेक्षा से दुखी और घुटन महसूस कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने आखिरकार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान मंत्री जयंत मलैया की पत्नी सुधा मलैया उन्हें मनाने का काफी प्रयास किया लेकिन बाबा नई माने।

दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट मांग रहे वरिष्ठ नेता कई बार के सांसद और प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया अपनी घोषणा के अनुसार विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन शुक्रवार को एसपीएम नगर स्थित बंगले से समर्थकों के साथ निकली तहसील कार्यालय पहुंचे। उनके साथ में जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल सहित अन्य समर्थक मौजूद थे।

बाबा जी ने अपने साथ में लाए हुए नामांकन पत्रों को रिटर्निंग ऑफीसर रविंद्र चोकसे के समक्ष पेश किया जिसे उन्होंने चेक करके जमा कर लिया।  बाबा जी ने पथरिया से भाजपा तथा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन जमा करने के अलावा दमोह से भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन पत्र जमा किया। 

पूर्व मंत्री श्री कुसमरिया ने कल ही भाजपा हाई कमान पर अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए टिकट चयन में मनमानी की बात करते हुए पथरिया के अलावा दमोह से भी निर्दलीय  प्रत्याशी  के तौर पर  नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी थी । इसके बाद आज सुबह दमोह विधायक प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया स्वयं बाबा जी को मनाने उनके आवास पर पहुचे, लेकिन बाबा नहीं माने।

तहसील कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के दौरान वित्त मंत्री जयंत मलैया की धर्मपत्नी और भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय सदस्य सुधा मलैया ने भी कुसमरिया जी से चर्चा करके उन्हें मनाने का प्रयास किया। लेकिन अपनी उपेक्षा से आहत बाबा जी ने सुधा भाभी की बात तो सुनी लेकिन एक और नामांकन पत्र जमा करने से भी नहीं चूके।

नामांकन कक्ष में मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में सुधा भाभी बाबा जी को नामांकन पत्र जमा कराते हुए मन मसोस कर देखती रही। दरअसल बाबा जी पथरिया से भाजपा की टिकट चाहते हैं। उन्हें पार्टी से आश्वासन भी मिला था। परंतु कल लखन पटेल को फिर से भाजपा की टिकट दे दी गई। बाबा जी को लगता है की मंत्री जयंत मलैया की सिफारिश पर लखन को फिर से टिकिट मिली है। इसलिए उन्होंने पथरिया के अलावा दमोह से मंत्री मलैया के खिलाफ भी निर्दलीय फार्म भर दिया है। 

जयंत मलैया ने लखन पटेल के साथ नामांकन भरा-

बाबा जी द्वारा मंत्री जयंत मलैया पर पथरिया की भाजपा टिकट के मामले में लखन पटेल का पक्ष लिए जाने के आरोप लगाए जाने की परवाह किए बिना आज सुबह मंत्री श्री मलैया विधायक श्री पटेल का नामांकन पत्र जमा कराने तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कुछ भाजपा नेताओं की भी मौजूदगी रही। इसके बाद पार्टी के चारों प्रत्याशियों के साथ भी श्री मलैया ने नामांकन दाखिल किया।

भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन पत्र जमा कराने लिए पहुंचे नेताओं में जिला पंचायत अध्यक्ष शिव चरण पटेल की मौजूदगी चौंकाने वाली रही। बता दें कि कल पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया की जिस समय बगावती बिगुल फूंकने वाली पत्रकार वार्ता चल रही थी उस दौरान भी श्री पटेल कुसमरिया जी के बंगले पर मौजूद थे। तथा श्री कुसमरिया ने शिव चरण के जरिए अपनी बात पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने की बात भी कही थी।

शिवचरण पटेल सांसद पहलाद पटेल के खास बन कर जहां पथरिया से भाजपा टिकट की दावेदारी करते हुए विधायक लखन पटेल के खिलाफ पत्रकार वार्ता आयोजित करके आरोप लगा चुके थे। वहीं भाजपा प्रदेश मंत्री ऋषि लोधी की टिकट कटवाने अपनी शिकायत सार्वजनिक करके उनको भी सांसद के खिलाफ भड़काने का काम कर चुके हैं।

 कल कुसमरिया जी के बंगले पर मौजूद रहकर उनको निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कराने में प्रमुख भूमिका अदा करते नजर आये “बड्डा’ आज मंत्री जयंत मलैया, विधायक लखन पटेल सहित भाजपा के चारों प्रत्याशियों के नामांकन अवसर पर भी पार्टी के चतुर सयाने नेता के तौर पर मौजूद नजर आए। और बाबा जी के नामांकन के दौरान भी पीछे छिपे रहे।

उक्त सभी हालातों पर यदि गौर किया जाए तो ऐसा लगता है की बड्डा  “इसकी टोपी उसके सर” करते हुए “घर का भेदी लंका ढाए” की कहावत को चरितार्थ कर रहे है। “अपना उल्लू सीधा करने” के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भड़का कर आपस में टकराने के हालात निर्मित करा ही चुके है। अब भाजपा को यदि बाबा जी का निर्दलीय नामांकन वापस कराना है तो उन्हें मनाने के लिए भी अब बड्डा का ही उपयोग करना चाहिए। 

अटल  राजेंद्र जैन की रिपोर्ट