सुनार नदी में दूसरे दिन शाम तक जारी रही तलाश-

दमोह। नरसिंहगढ़ की मजार घाट पर नहाने के लिए Activa लेकर गए B.Ed छात्र द्वारका की तेज बहाव में वह जाने के बाद उसकी तलाश  बुधवार को दूसरे दिन भी चलती रही लेकिन लगातार बारिश और मैं सेम सीमेंट फैक्ट्री द्वारा नदी पर बनाए गए अस्थाई पुल की वजह से Talaash कार्य प्रभावित होता रहा।

मंगलवार की सुबह नहाते समय नदी मे डूबे द्वारका का पता नही लगने पर बुधवार को सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा क्रेन भेजकर रेस्क्यू मे लगे जवानों को मदद का प्रयास किया गया था। वहीं एसडीएम संजीव Sahoo, नायब तहसीलदार दिनेश असाटी भी राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

इस दौरान युवक की तलाश में बाधक माईसेम सीमेंट के अस्थाई पुल को हटा कर तलाश किए जाने की मांग भी ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों से की गई। ग्रामीणों को कहना था कि सीमेंट फैक्ट्री द्वारा वर्षों पहले अस्थाई तौर पर निर्मित कराई पुलिया के पास जहा युवक डूबा है वहाँ पिछले 2 साल मे यह तीसरा मामला है।

लोगों ने एसडीएम से इस पुलिया को जल्द हटाने या नष्ट कराने की मांग की। जिसके बाद सीमेंट फैक्ट्री द्वारा भेजी गई दो जेसीबी की मदद से पुलिया के पत्थरों को एक साइड से हटा कर गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश जारी रखी गई। इस दौरान लगातार बारिश और तेज बहाव बाधक बनते रहे।

 

इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ माईसेम सीमेंट से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान को देखते रहे! वही ग्रामीणों की भीड़ तथा गोताखोरों की टीम लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक लापता द्वारका की तलाश करती रही लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिली।

इधर अस्थाई पुल को पूरी तरह से तोड़नेे के बजाए एक एक तरफ का हिस्सा ही हटाने के बाद यहां से सुनार नदी का पानी तेजी सेे निकलता रहा। वही शाम को रामबाग के नीचे कुछ लोगों ने युवक का शव बहते हुए देखा। जिसकी सूचना तत्काल अधिकारियों और गोताखोरों को दी गई।

पुनः रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ परंतु तब तक अंधेरा लग जाने और सब के आगे बह जाने से गोता खोरों के हाथ खाली के खाली रह गए। रात हो  जानेे से Talaash बंद कर दी गई और सभी गोताखोर नदी के बाहर आ गए। दूसरे दिन रात हो जाने के बाद भी लापता का शव नहीं मिलने से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल बना हुआ था। वही ग्रामीणों का भी गुस्सा भड़क उठा।

रात करीब 8 बजे गुस्साई भीड़ ne नरसिंहगढ़ पुलिस चौकी के बाहर पहुंचकर नारेबाजी लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही देर में सड़क के दोनों और जाम जैसे हालात निर्मित हो गए। वाहनों की कतारें लग गई। इस दौरान भीड़ ने अधिकारियों को भी अपनी गाड़ी नहीं निकालने दी। जिसके बाद दमोह से कुछ ही देर में अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बजरंग नरसिंहगढ़ पहुंच गया।

आक्रोशित भीड़ का कहना था कि माईसेम सीमेंट द्वारा  निर्मित कराए गए अस्थाई पुल को हर हाल में हटाया जाए। क्योंकि यह हर साल निर्दोष लोगों की बलि लेता है। वही लापता द्वारका की तलाश की मांग भी की जाती रही। बाद में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद रात करीब 10 बजे आक्रोशित लोग पुलिस चौकी के सामने से हटने को तैयार हुए।

इस दुखद घटना क्रम में एक और दुखद पहलू सामने आया है। कल सुबह से आज रात तक युवक की तलाश हेतू लगातार मुहिम चलने, पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों, लगातार लोगों की भीड़ लगे रहने, परिजनों का रो-रोकर बुरा बुरा हाल बने रहने के बावजूद कोई भी जन प्रतिनिधि तथा किसी भी दल का नेता यहा पीड़ित परिजनों की सुध लेने, आंसू पौछने या आश्वासन देने नहीं पहुंचा। शैलेश श्रीवास्तव के साथ शकील मोहम्मद की रिपोर्ट