वारदात की रात में छात्रावास में रुका था आरोपी-

दमोह। जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिग्रामपुर के सिंगपुर में जन जाति बालक छात्रावास कैंपस में महिला की लाश मिलने तथा उसकी अंधी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 4 दिन में सुलझा लिया है।

खास बात यह है कि आरोपी छात्रावास में रुका था तथा महिला से ज्यादाती करने में नाकाम रहने पर उसने उसी की साड़ी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। 2 सितंबर की रात घटित इस वारदात के बाद  आरोपी ने ही पुलिस को सूचनाा दी थी। तथा लोगों को महिला की बीमारी से मौत हो जाना वजह बताई थी। फिर भी आरोपी पुलिस से नही बच सका।

वारदात की सूचना मिलने पर 3 सितंबर को दोपहर में एसपी विवेक अग्रवाल मौके पर पहुंचे थे। तथा उन्होंने तेंदूखेड़ा के एसडीओपी BP समाधिया के निर्देशन में एक टीम का गठन करके हत्याकांड की अंधे हत्याकांड की गुप्ता स्कूल जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। साइबर सेल की मदद से 4 दिन में ही पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया।

जबेरा थाना पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए सिंगपुर निवासी युवक विकास और विवेक चौरसिया सगे भाई हैं। वारदात की रात दोनों ने छात्रावास के कमरे में महिला रसोईयन रामरति बाई से खाना बनवाया था। खाने के बाद विवेक वहां से चला गया तथा विकास की महिला के ऊपर नियत खराब हो गई। जिसके बाद उसने महिला के साथ  जबरदस्ती करने का प्रयास किया।

महिला द्वारा विरोध करने तथा गांव वालों को घटना की जानकारी देने की बात करने पर विकास ने उसी की साड़ी से फंदा बनाकर महिला का गला घोट दिया था तथा दूसरे दिन उसकी बीमारी की वजह से मौत की खबर फैला दी थी। परंतु शक के आधार पर पुलिस की गहन जांच पड़ताल और साइबर सेल की मदद से निकले कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी बच नहीं सके।

पुलिस ने दोनों आरोपियों विकास एवं विक्की उर्फ विवेक चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। गुत्थी सुलझाने में तेंदूखेडा एसडीओपी BP समाधिया के निर्देशन में जबेरा टी आई आरसी दांगी, सिग्रामपुर चौकी प्रभारी नीतू खटीक, नोहटा थाना प्रभारी जितेंद्र भदोरिया, राकेश पाठक, साईवर सेल प्रभारी राकेश अठ्या एवं पुलिस टीम का अहम योगदान रहा। SP विवेक अग्रवाल द्वारा पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। अभिजीत जैन की रिपोर्ट