कमलनाथ के ऐतिहासिक स्वागत ने फिजा बदली-

 मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का दमोह दौरा कार्यक्रम कांग्रेसियों में जोश भरने के साथ सत्ता मद में चूर भाजपाइयों के लिए खतरे की घंटी बजा गया है। इस दौरान कांग्रेस टिकट दावेदारों साथ अलग-अलग गुटों में बट कर आए कांग्रेसियों द्वारा कमल नाथ के स्वागत में  कमाल की एकजुटता दिखाना भी विरोधियों के लिए अशुभ संकेत नजर आए।

लगातार 15 वर्षों से प्रदेश की सत्ता से दूर कांग्रेसियों की सत्ता सुंदरी को वरण करने की चाह अब जुनून में तब्दील होती नजर आ रही है। रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के दमोह आगमन के दौरान जिस तरह से कांग्रेस नेताओं से लेकर गांव देहात ओ से आए कार्यकर्ताओं में जोश और जुनून दिखाएं उससे लगता है कांग्रेसियों को चुनाव के पूर्व ही सत्ता की आहट सुनाई देने लगी है।

शायद यही वजह है कि अनेक भाजपा नेता अपने ही पार्टी के जिला कार्यालय की छत तथा छज्जे पर खड़े होकर कमलनाथ के रोड शो के नजारे को देखने से नहीं रोक सके। हालांकि जहां से कमल नाथ का काफिला निकलना था वहां बीच में भाजपा का कार्यालय पड़ता है। लेकिन कमल वालों के बीच कमलनाथ के रोड शो को देखने की ललक की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है।

इधर तहसील ग्राउंड पर आयोजित कमलनाथ की आमसभा में जिस तरह से पैर रखने को जगह नजर नहीं आई तथा सारी कुर्सियां खचाखच भरी रही। उसे देखकर कांग्रेसी टिकट के दावेदार फूले नहीं समा रहे हैं। सभी को लग रहा है अब सत्ता दूर नहीं।  इस दौरान कमलनाथ ने कमल वालों की सरकार पर खुलकर आरोप लगाए। वहीं भाजपा समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर पुराने राग अलाप कर अपने मन की भड़ास निकाली जाती रही।

कमलनाथ की सभा में भाजपा तथा गोंडवाना पार्टी से पूर्व में अलविदा हो चुके नेताओं के हाथ थामने की घोषणा कांग्रेसियों को उत्साहित करती रही।वही मंत्री जयंत मलैया व उनकी धर्मपत्नी के खिलाफ शिकायतें, सोशल मीडिया पर टिप्पणियां करने का कोई अवसर नहीं छोड़ने वालो की मौजूदगी भी बदले हुए हालात में कांग्रेस के हाथ के साथ का संदेश देती नजर आई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के दौरा कार्यक्रम को लेकर पार्टी के विभिन्न गुटो व टिकट के दावेदारों को एक जुटता की बूटी पिलाने वाले जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय टंडन की मेहनत, ऐतिहासिक स्वागत रैली और रोड शो की सफलता, जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति को सार्थक साबित करती नजर आई। 

इधर गांव गांव से कार्यकर्ताओं की भीड़ लाकर कांग्रेस के झंडे में अपना नाम दर्ज करा कर शक्ति प्रदर्शन के मामले में पूर्व नगर पालिका मनु मिश्रा के मुकाबले में जिला पंचायत सदस्य राहुल सिंह के समर्थक कांटे की टक्कर देते नजर आए। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रतन चंद जैन, जया ठाकुर सहित अन्य दावेदारों के मर्थक तथा झंडा बैनर लगी गाड़ी भी घूमती रही। पूर्व मंत्री राजा पटेरिया और मुकेश नायक के समर्थक भी सक्रिय नजर आए। 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के प्रथम दौरा कार्यक्रम के मौके पर प्रमुख अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देकर मीडिया को मैनेज करने की पुरानी परिपक्वता भी कांग्रेस नेता दिखाते नजर आए। वही कमलनाथ के रोड शो मार्ग पर कांग्रेस नेताओं के स्वागत बैनर पोस्टर पुलआउट, झंडे कांग्रेस सरकार के दिनों की स्वागत परंपरा की यादें ताजा करती रही। 

कुल मिलाकर कमल वालों के राज में कमलनाथ के कार्यक्रम में जुटी कमाल की भीड़ ने कांग्रेसियों में सत्ता  जोश और जुनून को और बढ़ा दिया है। लेकिन नए SC ST  एक्ट के मुद्दे को लेकर भाजपा की तरह कांग्रेस से से भी दूरी बनाने के संकेत जगह जगह काले झंडे दिखा कर दे रहे एक बड़े मतदाता वर्ग की भावनाओं की अनदेखी भाजपा की तरह कांग्रेस को भी महंगी पड़ सकती है। राजेंद्र अटल की रिपोर्ट