15 अगस्त के बाद क्षिप्रा एक्सप्रेस नियमित चलेगी-

इंदौर से हावड़ा के बीच सप्ताह में 3 दिन चलने वाली क्षिप्रा एक्सप्रेस ट्रेन को 15 अगस्त के बाद प्रतिदिन चलाने की कवायद तेज हो गई है। 6 रेल मंडलों से होकर गुजरने वाली इस रेलगाड़ी को  डेली करने के लिए सभी रेल मंडलों से हरी झंडी मिल चुकी है। इसकी नई टाइमिंग फाइनल  होते ही  इससे प्रतिदिन कर दिया जाएगा।

मालवा-बुंदेलखंड को हावड़ा से जोड़ने वाली एक मात्र ट्रेन इंदौर हावड़ा क्षिप्रा एक्सप्रेस को 3 दिन की बजाए प्रतिदिन चलाए जानेे की घोषणा रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने अप्रैल 18 में भोपाल में आयोजित एक समारोह में की थी। लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन की पहल पर रेल मंत्री श्री गोयल की घोषणा के बाद रेल राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने जल्द शिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलानेेे के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए थे।

अप्रैल 2018 में रेल मंत्री द्वारा की गई इस घोषणा को अमली जामा पहनाने में रेलवे के अधिकारियों को 4 महीने से अधिक का समय लग गया। तब कहीं जाकर क्षिप्रा एक्सप्रेस के नियमित होने की आस पूरी हो रही है। दरअसल जिस टाइमिंग पर हावड़ा से यह ट्रेन इंदौर के लिए 3 दिन रवाना होती है। उसी टाइमिंग पर चंबल एक्सप्रेस भी 4 दिन के लिए ग्वालियर के लिए रवाना होती है। इन दोनो ट्रेनों का रूट और टाइमिंग मानिकपुर स्टेशन तक एक होने से क्षिप्रा एक्सप्रेस को डेली करने में सबसे बड़ी परेशानी सामने आ रही थी।

6 मंडलों से गुजरने वाली इस ट्रेन को नियमित करने के लिए सभी मंडलों से स्वीकृति मिल जाने के बाद नए टाइमिंग पर चलाने की तैयारी है। 15 अगस्त के बाद क्षिप्रा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने अतिरिक्त रैक का इंतजाम व पेंट्रीकार लगाने की तैयारियां है। वर्ष भर ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए लंबी बैटिंग बनी रहती थी। जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी जाने वाले श्रद्धालुुओं के अलावा दुर्गा पूजा के दिनों में हावड़ा जाने वालों को क्षिप्रा के प्रतिदिन हो जाने से सबसे अधिक  राहत मिलने की उम्मीद है।

जबलपुर-इंदौर और भोपाल-हावड़ा एक्सप्रेस होगी पूरी तरह से बंदइंदौर हावड़ा क्षिप्रा एक्सप्रेस के प्रतिदिन चलाए जाने के बदले में जबलपुर से इंदौर के बीच 3 दिन चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा भोपाल से हावड़ा के बीच सप्ताह में 1 दिन चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को पूरी तरह से बंद किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। बता दें कि इन दोनों ट्रेनों को ट्रैक मेंटेनेंस के नाम पर पिछले कई महीनों से निरस्त करके रखा गया है। वहीं सूत्रों का कहना है इन दोनो ट्रेनों को पूरी तरह से बंद करने का मन रेलवे के अधिकारी बना चुके हैं।

ऐसे में यदि स्थानीय सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप नहीं किया तो ट्रेन के प्रतिदिन होने के बदले में दो ट्रेनोंं का पूरी तरह से बंंद होना भी तय माना जा रहा है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट