मजदूरों के चक्का जाम से 2 घंटे से अफरा-तफरी-

दमोह। जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर पाटन जबलपुर मार्ग पर तेंदूखेड़ा में गुस्साए मजदूरों द्वारा चका जाम कर दिए जाने से पिछले 2 घंटे से अफरा-तफरी भरे हालात बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में चका जाम खत्म कराने पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों को भी मजदूरों द्वारा खदेड़ दिया गया। बाद में मौके पर पहुंचे पूर्व राज्यमंत्री दशरथ तथा मंत्री जालम सिंह पटेल की बात मानने को भी मजदूर तैयार नहीं हुए।

 तेंदूखेड़ा में शुक्रवार सुबह 10 बजे से बड़ी संख्या में मजदूरों द्वारा किए गए चक्का जाम की वजह एक दिन पहले महिला मजदूरों के साथ अभद्रता होना बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक मजदूर नव युवती के साथ पुलिस द्वारा लाठियों से पिटाई करते हुए अभद्रता की गई थी जिससे मजदूरों के बीच में जम के आक्रोश भड़का हुआ है।

आक्रोशित मजदूरों ने इसी बात को लेकर हाई स्कूल के सामने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर चक्का जाम कर दिया। जिससे दोनों बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लगी हुई है। अफरा-तफरी के हालात बने हुए हैं। दमोह से प्रशासन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी व बज्र वाहन का इंतजार किया जा रहा है।

पूर्व मंत्री दशरथ सिंह एवं राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल श्री मजदूरों की समझाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं SDM तथा तहसीलदार की बात भी सुनने को मजदूर तैयार नहीं है। तेंदूखेड़ा के एसडीओपी केसी पाली दमोह में नगर पालिका वार्ड के उपचुनाव में गए हुए हैं।

 भारी संख्या में पुलिस बल द्वारा मोर्चा संभाल लेने तथा मजदूरों के नहीं मानने पर लाठीचार्ज, बल प्रयोग जैसे हालात भी निर्मित होते नजर आ रहे हैं। इधर वक्त हालात के चलते पिछले 2 घंटे से सड़क के दोनों तरफ खड़े बसों वाहनों में बैठे यात्रियों तथा अन्य लोगों को परेशानी भरे हालात का सामना करना पड़ रहा है परंतु इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही पुलिस आरटीओ की जांच के दौरान महिला मजदूरों से भरी एक पिकअप गाड़ी पकड़ कर पुलिस ने जब्त कर थाने भिजवा दी थी। पिकअप के साथ में महिला मजदूरों को भी थाने ले जाने की जानकारी लगने पर स्थानीय विधायक प्रताप सिंह के हस्तक्षेप के बाद महिला मजदूरों को छोड़ा गया था। यह भी एक वजह है मजदूरों का पुलिस के प्रति गुस्सा भरा हुआ है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट